सामरिक मामलों में सुप्रीम लीडर के सलाहकार हुसैन देहक़ान ने अलजज़ीरा से बात करते हुए कहा कि सऊदी अरब को चाहिए कि यमन युद्ध में अपनी नाकामी स्वीकार करते हुए जंग और ख़ून बहाने का सिलसिला बंद करे और इस देश में राजनैतिक प्रक्रिया का रास्ता साफ़ करे।
संयुक्त इमारात के बारे में बात करते हुए हुसैन देहक़ान ने कहा कि इस देश ने ईरान के बारे में अपना रवैया बदल लिया है और हम हालिया महीनों में ईरान-इमारात संबंधों में सकारात्मक बदलाव देख रहे हैं।
हुसैन देहक़ान ने कहा कि यमन में जो कुछ हो रहा है वह सामरिक अफ़रा तफ़री है और इसकी पूरी ज़िम्मेदारी सऊदी अरब पर आती है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और इमारात इस समय यमन की दलदल में फंसे हुए हैं।
अमरीका से ईरान संबंधों के बारे में बात करते हुए हुसैन देहक़ान ने कहा कि उनका देश ट्रम्प से हरगिज़ वार्ता नहीं करेगा क्योंकि वह अपराधी और आतंकवादी हैं। उन्होंने कहा कि अमरीका ने कोई भी सैनिक कार्यवाही की तो ईरान उसका जवाब ज़रूर देगा।
हुसैन देहक़ान ने कहा कि ट्रम्प को हम किसी देशा का राष्ट्रपति नहीं बल्कि आतंकवादी मानते हैं जिनसे कोई बातचीत नहीं हो सकती।